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निरंतर के अनिरंतर प्रकाशन का एक मुख्य कारण सामग्री का अभाव रहा है। जिस तरह के खोजी, ज्ञानपरक, सामाजिक और तकनीकी लेख हम छापते हैं उनके लेखकों का टोटा पड़ा रहता है। निरंतर पर हम लेखकों को पारिश्रमिक देने का मन बना रहे हैं। पर किसी वेब पत्रिका के लिये यह विज्ञापनदाताओं और संरक्षकों के बिना करना असंभव है। अतः हर माह ज़रूरी राशि संजोने के लिये हम तुरंत प्रभाव से निरंतर पर बैनर एड शुरु करने जा रहे हैं। यदि आप या आपका संस्थान निरंतर को समर्थन देना चाहता हो तो हम तिमाही, छमाही और वार्षिक अवधि के लिये आपका बैनर एड सशुल्क निरंतर पर दिखायेंगे। इच्छुक व्यक्ति व संस्थान अधिक जानकारी के लिये हमें patrikaa at gmail dot com पर लिख सकते हैं।



विकिपीडिया: हिन्दी की समृद्धि की राह

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मितुल पटेल
  

Wikipedia Logoविकिपीडिया इंटरनेट पर आधारित एक मुक्त विश्वकोश परियोजना है। यह विकि के रुप में है, यानी एक ऐसा जाल पृष्ठ जो सभी को इसका संपादन करने की छूट देता है। विकिपीडिया शब्द विकि और इनसाइक्लोपीडिया शब्दों को मिला के बना है। देखा जाये तो विकिपीडिया स्वयंसेवकों के सहकार से निर्मित है, जिसकी भी वेब तक पहुंच है वह विकिपीडिया पर लिख सकता है और लेखों का संपादन कर सकता है। विकिपीडिया के मुख्य सर्वर टैम्पा, फ्लोरीडा में है, अतिरिक्त सर्वर एम्सटर्डम और सियोल में हैं।

काम की टिप

विकिपीडिया का सर्च आप फायरफॉक्स में भी जोड़ सकतें हैं। बस इस पृष्ठ पर जायें और हिन्दी विकिपीडिया के सर्च इंजिन के लिए Wikipedia (hi) क्लिक करें।

निपुण लोगों द्वारा बनाए गए विश्वकोश न्यूपीडिया के पूरक के रूप में 29 जनवरी, 2001 में इसकी शुरुआत हुई। अब यह विकिमीडिया फाउन्डेशन द्वारा संचालित है जो एक गैर-लाभकारी संस्था है। 2006 के मध्य में इसमें 46 लाख से भी ज्यादा लेख थे, सिर्फ अंग्रेज़ी भाषा में ही 12 लाख से भी ज्यादा लेख थे। यह 200 से भी ज्यादा भाषाओं में है, जिसमें से 15 भाषाओं में 50 हज़ार से भी ज्यादा लेख हैं। जर्मन भाषा के विकिपीडिया को डीवीडी में भी वितरित किया गया है। विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स के शब्दों में यह "विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के लिये, उनके अपनी भाषा में एक बहुभाषीय, मुक्त, सबसे अधिक मुमकिन गुणवत्ता वाला विश्वकोश बनाने और वितरित करने का एक प्रयत्न है।"

हालांकि विकिपीडिया की विश्वस्तता और सत्यता पर काफी विवाद भी होता रहा है. वेबसाईट पर आसानी तथा बर्बरता के साथ संपादन करने की क्षमता, असमान गुणवत्ता और कई भाषाओं में तथ्य के परोक्ष लोकप्रियता की प्राथमिकता इत्यादि की काफी आलोचनाएँ हुई हैं। फिर भी इसके मुक्त वितरण, निरंतर और काफी संख्या में बदलाव, विभिन्न क्षेत्रों और भाषाओं के समावेश ने इसे इंटरनेट पर विश्व के सबसे अधिक लोकप्रिय निर्देशिका संसाधनों में से एक बना दिया है।

कोई राजनैतिक अभिलाषा नहीं: जिमी वेल्स


विकीपीडिया न केवल सामग्री की संख्या के मामले में सबसे अग्रणी है (कहते हैं कि इसमें एंसाईक्लोपीडिया ब्रिटैनिका के मुकाबले चार गुना ज़्यादा मसौदा है) वरन् लिनक्स जैसे मुक्तस्रोत उत्पादों के प्रयोग में सबसे आगे है। विकीपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स हाल ही में भारत प्रवास पर आये और निरंतर के सवालों के उन्होंने संक्षिप्त पर करारे जवाब दिये। विकीपीडिया जल्द ही एक नये अवतार की तैयारी में भी है जिसके अंतर्गत अधिक स्थाई लेख होंगे जिनका प्रिंट या डीव्हीडी जैसे माध्यमों पर स्थानांतरित किया जा सके।

प्रस्तुत है जिम्बो, जैसा कि उन्हें विकीपीडियन पुकारते हैं, से निरंतर के ईमेल साक्षात्कार के अंशः

जिमी वेल्सइस तरह की निंदा को आप किस तरह से देखते हैं? क्या मुट्ठी भर संपादकों की मदद से आप सभी सामग्री पर नज़र रख पायेंगे?
आपको ऐसा क्यों लगता है कि केवल हमारे पास ही मुट्ठी भर संपादक हैं। किसी भी प्रकाशन संस्थान के पास ज़्यादा नहीं होते।

अन्य भाषाओं, जैसे हिन्दी, में विकीपीडिया के भविष्य के बारे में आप क्या सोचते हैं?
तेज़ बढ़त! पूरे विश्व में हम सभी भाषाओं में मजबूत विकास देख रहे हैं।

अंग्रेज़ी से इतर भाषाओं में विकीपीडिया की संपादकीय नीति का अनुसरण कैसे सुनिश्चित किया जाता है? क्या इनमें वैडलिस्म की घटनायें ज्यादा होती हैं?
बेशक, पर वैंडलिस्म कुल मिलाकर एक छोटी सी समस्या है और खास महत्वपूर्ण नहीं।

कैंपेन विकिया क्या है? क्या इसे आपकी राजनैतिक अभिलाषा की ओर बढ़ाया कदम माना जा सकता है?
मेरी कोई राजनैतिक अभिलाषा नहीं है।

पाँच वर्षों बाद विकीपीडिया किस रूप में होगा?
बेहतर सवाल होता कि विकीपीडिया के पाँच वर्षों बाद दुनिया किस रूप में होगी।

[जिमी वेल्स का चित्र, सौजन्यः किरुबा शंकर]

विकिपीडिया के लिए धन की व्यवस्था विकिमीडीया फाउन्डेशन के ज़रिये होती है। वर्ष 2005 की चौथी तिमाही में इसकी जरुरत 3,21,000 अमरीकन डॉलर थी, जिसमें 60% हार्डवेयर के लिए आवश्यक था।

विकिपीडिया को मई 2004 में दो प्रमुख सम्मान मिले: पहला प्रिक्स आर्स इलेक्ट्रोनिका द्वारा गोल्डन नीसा फार डिजीटल कम्युनीटीज़; दुसरा कमुनिटी क्षेत्र में जजों द्वारा वेबी सम्मान। साथ ही विकिपीडिया को कई स्रोत्रों से प्रशंसा भी मिली है, जिनमें प्रमुख हैं: बीबीसी न्युज़, वाशिंगटन पोस्ट, द इकोनॉमिस्ट, न्यूज़ वीक, टाइम मैगज़ीन और रीइडर-डाइजेस्ट। टाइम मैगज़ीन ने विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स को वर्ष 2006 के विश्व के 100 सवसे प्रभावशाली व्यक्तियो में से एक भी बताया।


विभिन्न भाषाओं में संस्करण


जुलाई 2006 तक विकिपीडिया के 151 भाषाओं में सक्रिय संस्करण है, कुल 229 भाषाओं में संस्करण है जो भिन्न अवस्थाओं में हैं। भिन्न भाषाओं के संस्करण स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। इन संस्करणों के अंशों का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है, न ही इनके लेखों का कोई संबंध है, और न ही किसी भी लेख के एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद की आवश्यकता। विकिपीडिया में स्वचालित अनुवाद का स्पष्ट निषेध है, हालांकि निपुण लोगों द्वारा अनुवाद का स्वागत भी होता है। भिन्न भाषाओं के संस्करणों को समान नीति जैसे कि "निष्पक्ष दृष्टिकोण" के जरिए बांधा गया है। लेखों और चित्रों को भिन्न संस्करणों के बीच इंटरविकि (interwiki) के जरिए जोडा जा सकता है, लेखों के अनुवाद के लिये अनुरोध भी किया जा सकता है। हालांकि अनुवादित लेख काफी कम संख्या में हैं। अलेक्क्षा (Alexa) के अनुसार अंग्रेजी विकिपीडिया कुल ट्रैफिक का केवल 60% ही प्राप्त करता है। जबकि अन्य 40% भिन्न भाषाओं में है। मुख्य भाषाओं में अंग्रेजी, जर्मन, फ्रांसीसी, पोलिश, जापानी, डच, स्वीडिश, इतालवी, पुर्तगाली और स्पैनिश शामिल हैं।

विकिपीडिया के फायदे बहुत हैं, और हिन्दी विकिपीडिया का तीव्र विकास, हिन्दी और हिन्दीभाषी लोगों के लिये अच्छा है।


हिन्दी विकिपीडिया


हिन्दी में विकिपीडिया की शुरुआत जुलाई 2003 में हुई थी। आज हिन्दी विकिपीडिया मे करीब 1500 मुख्य लेख है। इसमे भुगोल, इतिहास, व्यक्तिगत जीवन, विज्ञान, राजनिति, फिल्में, खेल और साहित्य के लेख प्रमुख हैं। हिन्दी विकिपीडिया में स्वयंसेवकों का घोर अभाव है। कई लेख अभी पूरे नहीं हैं। हिन्दी साहित्य, भारत और सम्बन्धित विषयों की जानकारी हिन्दी से ज्यादा तो अँग्रेज़ी और जर्मन विकिपीडिया पर ही है।

विकिपीडिया के काफी फायदे है, इन फायदों को हिन्दी बोलने और समझने वाले लोगों तक पहुचानें के लिए हमें हिन्दी विकिपीडिया का विकास करना चाहिए। विकि स्वरूप के कारण लेखों की कड़ियों को शब्दों के साथ जोड़ना आसान है, इससे न केवल लेख के बारे मे जानकारी मिलती है, बल्कि उससे जुड़ी अन्य रोचक जानकारियाँ भी प्राप्त होती हैं, उदाहरण के लियेः अगर आप मुंबई विस्फोटों से जुड़ा लेख पढ रहे हैं तो उसमे आपको मुंबई के लोकल ट्रेनों के लेख की कड़ी भी मिल जाएगी। इंटर्विकि से भिन्न भाषाओ के लेख जुडे होते है। हिन्दी मे महात्मा गांधी के लेख के साथ लगभग 31 और भाषाओ मे उस लेख की कडी है, किसी और भाषा जैसे की गुजराती मे लिखा गया लेख तुरंत ही पढ सकते है। विकिपिडीया मे काफी तेज़ी से समसामयिक विषयों के बारे में लेखो का विकास हो सकता है जैसे कि मुंबई विस्फोटों के खबर का ज़ाहिर होने के चंद मिनटों में ही उसके बारे में अंग्रेजी विकिपीडिया में प्रासंगिक कड़ियों के साथ लेख मौजूद था। ऐसे ही परिणाम आपसी सहयोग से हम हिन्दी में क्यों नहीं प्राप्त कर सकते?

गूगल और अन्य सर्च इंजनों की खोज करने पर विकिपीडिया के लेख परिणामों में प्रमुखता से उभरते हैं। ज़ाहिर है कि हिन्दी विकिपीडिया के विकास से इंटरनेट पर हिन्दी का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में भी वृद्धी होगी। लोगों को हिन्दी का प्रयोग करने हेतु एक और मंच मिलेगा। विकिपीडिया एक ऐसा मंच है जो शिकायत का मौका नहीं देता है, बल्कि आपको अपनी ही शिकायत दूर करने का मौका देता है। अगर आपको लगता है कि कोई जानकारी अधूरी है या गलत है, तो आप उसमें घटजोड़ या सुधार कर सकते हैं। हिन्दी में लगभग हर विषय पर जानकारी की मांग है, जो हम सबको पूरी करनी चाहिए। देखा जाय तो विकिपीडिया चिट्ठाकारिता का भी पुरक है, निजभाषा के प्रति लगाव का जो मुज़ाहिरा हम चिट्ठाकारी से करते हैं वो साथ साथ विकिपीडिया द्वारा भी सर्वथा संभव है।

यह आलेख अंग्रेज़ी के इस मूल लेख का अनुवाद है। यह भी देखे:

सहयोगः रवि श्रीवास्तव



मितुल पटेल
लेखक परिचय:
वाराणसी, बनारस और काशी के नाम से प्रासिद्ध नगर मेरा जन्मस्थान है। पुर्वज गुजरात के कच्छ जिले से व्यापार के सिलसिले मे यहा बसे थे। बचपन यहा पे ही बीता, इंजीनियर शिक्षा के लिए पुणे गया, कुछ वर्ष वहा काम करने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका मे बसा हुआ हु। फिलहाल टेक्सास के ह्युस्टन नगर मे आई-टी मे कार्यरत। हिन्दीनी, नारद, परिचर्चा , ई-स्वामी आदी की मदद से हिन्दी को कंप्यूटर के साथ जोड्ना सीखा। हिन्दी चिट्ठो का प्रशंसक, विश्वास रखता हु कि हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओ के द्वारा बहुत सारे लोग इंटरनेट से जल्द ही जुडेगे। यह लोग इंटरनेट और कंप्यूटर को नई नजर से देखेगे और इंटरनेट से जुडा विश्व इनको एक नई नज़रिये से देखेगा।
टिप्पणियाँ (7)add
...
written by मनीष on अगस्त 08, 2006

अच्छी जानकारी दी आपने !

how to use vikipedia
written by gupta sony on अगस्त 14, 2006

sir i am newuser of internet i see this site we interested in this hindiside butdont know how touse thissite thankyou

विज्ञान प्रसार
written by अनुनाद on अक्टूबर 29, 2006

अच्छी जानकारी मिली। विज्ञान प्रसार के लिये उसका आम जनता की भाषा में होना पहली और आवश्यक शर्त है। अस्तु, विज्ञान प्रसार के जालस्थल की अधिकांश सामग्री हिन्दी में दी जानी चाहिये।

वाह ...
written by हिमांशु on नवम्बर 02, 2006

बहुत अच्छी साइट है भाई. परंतु कुछ चीजें मुझे पसन्द नहीं आयीं:

1. कुछ ज्यादा जी ही विज्ञापन हैं पन्नों पर. बिना विज्ञापनों के साइट कही ज्याद अच्छी लगेगी.

2. कृपया साइट को 800x600 पिक्सल के लिये डिजाइन करें.

17 - 21 इंच का मानिटर होते हुए भी कई लोग कम रिजौल्यूशन पर काम करना पसन्द करते हैं.

वैसे इस साइट के लेख काफी अच्छे हैं. प्र्यास करें की किस्से कहानियों की जगह व्यावहारिक लेख लिखें.




प्रतिक्रिया का शुक्रिया
written by देबाशीष on नवम्बर 02, 2006

हिमांशु,

प्रतिक्रिया के लिये शुक्रिया! किसी हिन्दी पत्रिका के लिये अभी तक अंतर्जाल पर क्रिटिकल मास नहीं बन पाया है और निकट भविष्य में भी ऐसा होने की संभावना क्षीण प्रतीत होती है। फिर आप ही बतावें, क्या आप शुल्क आधार पर यह पत्रिका पढ़ने को राज़ी होंगे? ऐसे में विज्ञापनों से हो रही नाममात्र आय ही एकमात्र ज़रिया है पत्रिका की लंबी उम्र सुनिश्चित करने का। वैसे भी अगर कलात्मक तरीके से इनका इस्तेमाल हो, जैसा कि हमारे विचार में इस पत्रिका पर हो रहा है, जिससे लेख पढ़ने में दिक्कत न हो और विज्ञापन लेख का हिस्सा न बन जायें तो इसमें हर्ज़ नहीं दिखना चाहिये।

निरंतर 1024 X 768 रेज़ोल्यूशन और फायरफॉक्स पर सर्वश्रेष्ठ दिखती है, यह हमारे द्वारा प्रयुक्त थीम का फायदा कह लें या बंधन, इस को बदलने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

निरंतर के पुराने अंको से तुलना करें तो इस बार तो गंभीर लेख, या जैसा आप कहते हैं व्यावहारिक लेख, ज़्यादा ही हैं। किसी भी पत्रिका को लोकप्रिय बनना हो तो अपने उद्देश्यों के मातहत व्यापक रुचि का ध्यान रखना ही पड़ेगा, वही हमारा प्रयास भी है। यदि आप किसी खास विषय पर लेख पढ़ना चाहते रहे हैं तो ज़रूर उल्लेख करें, हम ऐसी सामग्री प्रकाशित करने का ज़रूर प्रयास करेंगे।

विनीत,

देबाशीष

धन्यवाद
written by विशाल on अप्रेल 11, 2007

मितुलजी इस विषय पर जानकारी के लिए धन्यवाद, हिंदी विक़िपेड़िया एक अच्छी शुरुआत है पर इसमें लेख बहुत कम हैं और स्वयंसेवकों का काफ़ी अभाव है अगर हिंदी ब्लॉग लेखक विकी पर भी कुछ योगदान देते रहें तो शायद इसके विस्तार में सहायता मिलेगी, साथ ही साथ विकी की लोकप्रियता बढ़ने से लोगों का योगदान और सामग्री का स्तर बढ़ेगा

धन्यवाद
written by hardeep on अक्टूबर 02, 2007

एक उत्तम प्रयास. आप बधाई के पात्र है.


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बेकारअति उत्तम 

   

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