|
Home
निरंतर के अनिरंतर प्रकाशन का एक मुख्य कारण सामग्री का अभाव रहा है। जिस तरह के खोजी, ज्ञानपरक, सामाजिक और तकनीकी लेख हम छापते हैं उनके लेखकों का टोटा पड़ा रहता है। निरंतर पर हम लेखकों को पारिश्रमिक देने का मन बना रहे हैं। पर किसी वेब पत्रिका के लिये यह विज्ञापनदाताओं और संरक्षकों के बिना करना असंभव है। अतः हर माह ज़रूरी राशि संजोने के लिये हम तुरंत प्रभाव से निरंतर पर बैनर एड शुरु करने जा रहे हैं। यदि आप या आपका संस्थान निरंतर को समर्थन देना चाहता हो तो हम तिमाही, छमाही और वार्षिक अवधि के लिये आपका बैनर एड सशुल्क निरंतर पर दिखायेंगे। इच्छुक व्यक्ति व संस्थान अधिक जानकारी के लिये हमें patrikaa at gmail dot com पर लिख सकते हैं।
वापस
|
| अतुल अरोरा | | जन्म: 7 मई 1970¸ कानपुर में। शिक्षा: पीपीएन कॉलेज कानपुर से बीएससी, एचबीटीआई से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन। कार्यक्षेत्र: फिलाडेल्फिया में एक कंप्यूटर प्रोग्रामर की हैसियत से कार्यरत।
सिनेमा¸ भ्रमण एवं फोटोग्राफी में रुचि। शौकिया तौर पर एक ब्लॉग रोजनामचा लिखना शुरू किया¸ जिसमें हल्के–फुल्के विषयों से लेकर राजनीति जैसे गंभीर विषयों पर निजी विचार व्यक्त कर छपास की निजी पीड़ा को बुझाया है।
अमेरिका प्रवास में हुए अनुभवों में हास्यमिश्रण कर उन्हें एक छोटी पुस्तक का रूप देने की कोशिश है 'लाइफ इन ए एचओवी लेन' में। इनका हिन्दी चिट्ठा है रोजनामचा जो वर्ष 2004 में इंडीब्लॉगीज़ पुरस्कार से नवाजा़ जा चुका है। |
|