|
Home
निरंतर के अनिरंतर प्रकाशन का एक मुख्य कारण सामग्री का अभाव रहा है। जिस तरह के खोजी, ज्ञानपरक, सामाजिक और तकनीकी लेख हम छापते हैं उनके लेखकों का टोटा पड़ा रहता है। निरंतर पर हम लेखकों को पारिश्रमिक देने का मन बना रहे हैं। पर किसी वेब पत्रिका के लिये यह विज्ञापनदाताओं और संरक्षकों के बिना करना असंभव है। अतः हर माह ज़रूरी राशि संजोने के लिये हम तुरंत प्रभाव से निरंतर पर बैनर एड शुरु करने जा रहे हैं। यदि आप या आपका संस्थान निरंतर को समर्थन देना चाहता हो तो हम तिमाही, छमाही और वार्षिक अवधि के लिये आपका बैनर एड सशुल्क निरंतर पर दिखायेंगे। इच्छुक व्यक्ति व संस्थान अधिक जानकारी के लिये हमें patrikaa at gmail dot com पर लिख सकते हैं।
वापस
|
| रमण कौल | | जन्म: 14 जून 1962 को बांडीपुर, कश्मीर में। शिक्षा: कश्मीर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक। जॉन्स हॉफ्किन्स यूनिवर्सिटी, बाल्टीमोर में स्नातकोत्तर छात्र।
इंटरनेट पर हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के प्रयत्नों में कार्यशील। हिंदी के अतिरिक्त अंग्रेज़ी और मातृभाषा कश्मीरी में चिठ्ठाकारी करते हैं। अपने हिन्दी चिट्ठे इधर उधर की पर विविध विषयों पर लिखते रहते हैं। हिंदी संबंधित विभिन्न चर्चा–समूहों, टीम–ब्लॉग, विकी और बुनो–कहानी जैसे प्रकल्पों में सक्रिय। यूनीनागरी नामक इनके बनाये हिन्दी आनलाईन टाईपराईटर से जाल पर अनेकों ने हिन्दी लिखना सीखा है व सीख रहे हैं। संप्रति मेरीलैंड, अमरीका में रेलवे उपकरण अभिकल्प इंजीनियर। |
|