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फॉयरफाक्स अपनाएं 2 - कड़ियाँ गरमा-गरम

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पंकज नरूला

  

"आईये फायरफॉक्स अपनायें" लेख श्रृंखला के पिछले भाग में आपने फायरफॉक्स के जन्म व मल्टी टैब्स की क्षमताओं के बारे में पढ़ा। इस भाग में आप जान सकेंगे फायरफॉक्स की एक अत्यंत प्रभावी व समय उपयोगी क्षमता - "लाइव बुकमार्क्स", जिसे इस श्रृंखला के लेखक पंकज नरूला "कड़ियाँ गरमा गरम" पुकारते हैं। आशा है यह गरमा गरम रेसिपी आप को खूब भायेगी।

Nidhiड़ियाँ गरमा-गरम या फिर Live Bookmarks फायरफॉक्स की एक अनूठी क्षमता है। इस का प्रयोग अंतर्जाल पर जल्दी जल्दी छपने वाली सामग्री के बारे में उस सामग्री में रुचि लेने वाली जनता को नई प्रकाशित सामग्री से अवगत कराना है। मसलन, मुझे हमेशा इन्तजार रहता है कि रिडिफ पर क्या नई खबर छपी है या फिर हिन्दी ब्लॉगमंडल में क्या नया छपा है। अब इसका एक तरीका तो यह है कि मैं दिन में बार बार रिडिफ और चिट्ठा विश्व पर जाऊं तथा देखूँ कि क्या नया है। पर आप जानते हैं कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र है। आलस के चलते दुनिया में क्या कुछ नहीं ईज़ाद हुआ। "कड़ियाँ गरमा गरम" भी संभवतः इसी आलस्य का इलाज हैं। इसका प्रयोग करके बार बार अलग जालस्थलों पर जाने की बजाए इन जालस्थलों के प्रकाशक मुझे स्वयं ही बताते रहते हैं कि भाई फलां फलां खबर नई है।

लाईव बुकमार्क, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, एक किस्म का "बुकमार्क" अथवा जालचिन्ह ही है, पर एक खास किस्म का। इसमें खासियत यह है कि किसी जड़ अथवा static लेख पर जाने की बजाए यह लगातार बदलने वाले यानि dynamic लेखों पर केंद्रित होता है। यह लेख होता है विभिन्न चिट्ठों और समाचार स्थलों द्मारा प्रदान की जाने वाली उनकी क्षमल फीड। यह फीड आर.एस.एस, आर.डी.एफ या अणु (एटम) जैसे किसी भी प्रारुप में हो सकती है।

आईए देखें हम रिडिफ की मुख्य समाचारों वाली फीड के लिए लाइव बुकमार्क कैसे बना सकते हैं। सबसे पहले आप रिडिफ.कॉम पर जाईए। आप दायें नीचे की ओर नन्हा सा एक नारंगी आईकॉन देखेंगे (ठीक नीचे दिखाए चित्र जैसा)।

लाइव बुकमार्क बना सकने का संकेत देता आईकॉन

इस आईकॉन पर क्लिक करें व “Subscribe to XML …” को चुनें। इस पर नीचे दर्शाये चित्र की तरह आप एक पॉप-अप बॉक्स देख पायेंगे, ध्यान देकर इसमें “create in..” वाले डिब्बे में “Bookmarks Toolbar Folder” चुनें।

बुक मार्क बनाने देने वाला पॉप-अप बॉक्स

आप पायेंगे कि फायरफॉक्स की टूलबार में एक नया नारंगी रंग का बुकमार्क अथवा जालचिन्ह आ गया है। अब बस जल्दी से इस पर क्लिक करें। आप जानेंगे कि इस प्रकार से आप रिडिफ पर प्रकाशित सभी नए समाचारों के शीर्षक देख सकते हैं। उदाहरण के लिए निम्न चित्र देखें

रिडिफ पर प्रकाशित सभी नए समाचारों के शीर्षक

उपर की छवि में आप देखेंगे कि मैंने हिन्दी चिट्ठे के लिए भी गरमा गरम कड़ी स्थापित कर रखी है। यह मेरा तरीका है हिन्दी चिट्ठा जगत में नई प्रकाशित प्रविष्टियों से अवगत रहने का। दिन में कम से कम दस बार तो इस पर क्लिक करता ही हूँ। यदि आप भी इस रोग से ग्रस्त होना चाहते हैं तो बस इसे बना के देखिए। यह इस लेख के रिडिफ उदाहरण की तरह इतना आसान नहीं है। सुझाव के तौर पर चिट्ठा विश्व जाईए। वहाँ पर एक कड़ी है जिससे आप ऐसा कर सकते हैं।


अगले अंक में: पढ़िए लाईव बुकमार्क्स से भी शक्तिशाली गुण, फायरफॉक्स के शक्तिसर्च के बारे में। तब तक के लिए, बनाईए खूब सारी कड़ियाँ गरमा गरम।

पंकज नरूला
About the author:
मिर्ची सेठ के लेखक पंकज नरूला की चिट्ठाकारी के प्रति प्रतिबद्धतता का उदाहरण इस बात से भी दिया जा सकता है कि उन्होंने ब्लॉगर पर अपना चिट्ठा प्रारंभ करने के पश्चात जल्दी ही अपनी निजी होस्टिंग की ओर रूख कर लिया। पंकज हिन्दी चिट्ठाजगत से कई अनूठे प्रयासों के प्रणेता रहे हैं, जिनमें चिट्ठाकारों की अपनी चौपाल अक्षरग्राम, सार्वजनिक विकि सर्वज्ञ, ब्लॉग एग्रीगेटर नारद इत्यादि। जब हिन्दी ब्लॉगज़ीन निरंतर की होस्टिंग की बात आई तो पंकज ने सहर्ष इसकी होस्टिंग अपने जालस्थल पर करने का जिम्मा उठाया था।
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