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मोबाइल फ़ोन तेरे कितने रूप?

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रवि रतलामी

  

मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल अब महज फोन करने के लिए तो नहीं रह गया है। एकदम प्रारंभिक स्तरों के सेलफ़ोनों में भी अंतर्निर्मति कैमरा, एमपी3 प्लेयर, एफ़एम रेडियो इत्यादि की सुविधाएँ तो मिल ही रही हैं, उच्च स्तर के मोबाइल फ़ोन तो संपूर्ण इंटरनेट इनेबल्ड, मल्टीमीडिया कम्प्यूटरों से कम नहीं हैं जिनमें आप अपने ऑफिस के भी तमाम काम निपटा सकते हैं। मोबाइल फ़ोन में हाल ही में एक और विशेषता जोड़ी गई है - आप इसका इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड के विकल्प के रूप में बखूबी, आसानी से और ज्यादा सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड के जरिए इंटरनेट पर सौदे हमेशा ही खतरे में बने रहते थे। तमाम तरह के ट्रोजन व की-लॉगर्स, फ़िशिंग साइटें हर साल ग्राहकों व क्रेडिट कार्ड कम्पनियों को करोड़ों का चूना लगाती रही हैं, और इनमें साल-दर-साल वृद्धि होती रही है। अब इन सौदों को मोबाइल फ़ोन के जरिए एक अतिरिक्त द्वितीय स्तरीय प्रमाणीकरण की व्यवस्था की जाकर सुरक्षा को और पुख्ता बनाए जाने की कोशिशें की जा रही हैं। वर्तमान में इस हेतु दो तरह की तकनीक काम में लाई जा रही है - एक तो एसएमएस आधारित तकनीक पे-मेट तथा दूसरी मोबाइल एप्लीकेशन आधारित तकनीक एम-चेक।


पे मेट: SMS से सुरक्षित खरीदारी

PayMate पे-मेट एसएमएस आधारित सेवा है जो आपके मोबाइल फ़ोन को एक अत्यंत सुरक्षित क्रेडिट कार्ड के रूप में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। हालांकि अभी इसके द्वारा दी जा रही सेवाओं की संख्या कम है, परंतु भविष्य में इसके व ऐसे ही अन्य सेवाओं के आने की पूरी संभावना है। पे-मेट का इस्तेमाल आसान है। यदि आपके पास सिटीबैंक का क्रेडिट कार्ड है तो 2484 पर एसएमएस संदेश - PayMate भेजें। आपको कॉलबैक किया जाएगा व आपके मोबाइल को पंजीकृत कर लिया जाएगा। जब आप पे-मेट के साथ सक्रिय व्यापारिक संस्थान से कोई खऱीदारी करते हैं तो आपको भुगतान हेतु वह संस्था आपको एक रेंडम जनरेटेड अल्फ़ा कोड के साथ आपके मोबाइल पर एक एसएमएस संदेश भेजती है। आपको उस संदेश को अपने पिन संख्या (गुप्त पासवर्ड) के साथ जवाब देना होता है। बस। और इस तरह सुरक्षित भुगतान हो जाता है। चूंकि यह सारा कार्य स्वचालित कमप्यूटरों द्वारा होता है और आपके संदेशों को कोई जीवित व्यक्ति नहीं पढ़ता और यह आपके पंजीकृत मोबाइल फ़ोन के जरिए ही होता है अतः यह अत्यंत सुरक्षित होता है।

भले ही पे-मेट के जरिए भुगतान को सुरक्षित माना गया है फिर भी आप इसके जरिए प्रति सौदे पाँच हजार रुपए तथा प्रति चौबीस घंटे में दस हजार रुपए से अधिक का भुगतान नहीं कर सकते। अतः यह सेवा अभी सिर्फ छोटे मोटे सौदों के लिए ही है और इसी वजह से इसके लोकप्रिय होने में समय लगेगा।


एम-चेक: मोबाइल बना क्रेडिट कार्ड

MChek एम-चेक आपके क्रेडिट कार्ड के अस्तित्व को खत्म करने की संभावनाएँ लेकर आया है। परंतु यह उन्हीं उच्च वर्ग के मोबाइल फ़ोनों में काम में आ सकेगा जिसमें अतिरिक्त मोबाइल एप्लीकेशन संस्थापित करने की सुविधा होगी। अगर एम-चेक जैसी सेवाएँ लोकप्रिय होंगी तो बहुत संभव है कि भविष्य में मोबाइल फ़ोन ऐसे अनुप्रयोगों के साथ ही जारी हों। हालाकि यह भी आपके इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन में द्वितीय स्तरीय सुरक्षा प्रदान करता है, परंतु फिर भी, मोबाइल वायरस भी इस मोबाइल एप्लीकेशन को निशाना बना सकते हैं, और सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं।

एम-चेक का इस्तेमाल भी बहुत आसान है। आपको अपने मोबाइल फ़ोन को एम-चेक के लिए अपने बैंकर से पंजीकृत करवाना होगा और अपने मोबाइल में एम-चेक अनुप्रयोग संस्थापित करना होगा। फिर जहाँ भी आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, या व्यावसायिक संस्थान में खरीदारी करते हैं, वहाँ क्रेडिट कार्ड से भुगतान के लिए नंबर के स्थान पर आपके मोबाइल के एम-चेक अनुप्रयोग द्वारा रेंडम जनित पास कोड को डालना होगा। बस। चूंकि आपके मोबाइल में संस्थापित एम-चेक अनुप्रयोग हर बार नया पास कोड देता है, अतः यह कोड सिर्फ एक ही सौदे के लिए काम में आता है, और इस तरह से क्रेडिट कार्ड नंबर चुरा कर धोखा करने वालों के मंसूबे नाकाम कर देता है। अच्छी बात यह है कि इसके प्रयोग के लिये आपको कोई अनुप्रयोग डाउनलोड नहीँ करना होता और न ही सिम में कोई परिवर्तन लगता है


रवि रतलामी
About the author:

जन्मतिथि: 5 अगस्त 1958

जन्मस्थान: राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)

विद्युत अभियांत्रिकी में स्नातक, MVP. कम्प्यूटरों व इंटरनेट पर हिन्दी के प्रयोग में अगुआ तथा पथप्रदर्शक. लिनक्स तंत्र के हिन्दीकरण में महत्वपूर्ण योगदान. अंग्रेज़ीहिन्दी में चिट्ठा, स्तम्भतकनीकी लेखन.

संप्रति: विद्युत मंडल से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पश्चात् तकनीकी सलाहकार व स्वतंत्र लेखन.

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टिप्पणियाँ (2)add
HINDI movement
written by RAJ on जुलाई 22, 2007

i love thisss guys pl keep it up

मोबाइल फ़ोन तेरे कितने रूप?
written by हरिराम on अगस्त 31, 2007

उपयोगी जानकारी है।

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