मुखपृष्ठ arrow Advertise With Nirantar


जम्बू द्वीप की उन्नति कैसे हो?

(0 वोट)

निरंतर

  

जम्बू द्वीप की उन्नति कैसे हो?

हास परिहासपटेल साहब न्यूयार्क सिटी के बैंक में पाँच हजार डालर का कर्ज लेने पहुँचे। बैंक मैनेजर के लोन गाँरटी माँगने पर अपनी मर्सिडीज बेंज पेश कर दी। बैंक मैनेजर ने उन्हे लोन दिया और पटेल साहब खुशी खुशी बैंक के सुरक्षित पार्किंग लाट में अपनी मर्सिडीज बेंज खड़ी करके चले गये। पूरे एक महीने बाद वे लौटे और पाँच हजार पचीस डालर मय ब्याज के चुका दिये बैंक को। जब वे अपनी गाड़ी ले जाने लगे तो बैंक मैनेजर से रहा नहीं गये और उसने पूछा "पटेल साहब, हमारे रिकार्ड के हिसाब से तो आप मिलिनयर है, आपके पास मर्सिडीज बेंज भी है तो फिर आपने महज पाँच हजार का लोन क्यों लिया और उसके लिए अपनी मर्सिडीज बेंज क्यों गिरवी रखी?" पटेल खींसे निपोर कर बोले "मैनेजर साहेब, मैने आपको पचीस डॉलर ब्याज के दिये और महीने भर के मेरे भारत भ्रमण के दौरान मेरी गाड़ी सुरक्षित आपके पार्किंग लाट में खड़ी रही। एयरपोर्ट पर दस डालर प्रतिदिन के हिसाब से मुझे तीन सौ डॉलर देने पड़ते कि नहीं?"




एक साहब मोल-तोल में काफ़ी उस्ताद थे। एक दिन बाज़ार में वो किसी दुकानदार से मोलतोल कर रहे थे। 50 रुपये की शर्ट पर एक घंटा मोलतोल करने के बाद दुकानदार एक रुपये में बेचने के लिये तैयार हो गया। लेकिन भाईसाहब अड़े रहे और तब भी मोलतोल करते रहे। तंग आकर दुकानदार ने कहा कि ठीक है मेरे बाप आप मुफ़्त में ले जाईये। भाईसाहब ने थोड़ी देर सोचा फिर कहा, मुफ़्त में दो शर्ट दोगे क्या?




जम्बू द्वीप के कुछ ब्लॉगर चौपाल पर चर्चा कर रहे थे। विषय था - जम्बू द्वीप की उन्नति कैसे हो सकती है? तमाम सहमतियों -असहमतियों के बाद तय हुआ कि जम्बू द्वीप के लोग अमेरिका पर हमला कर दें। अमेरिका हरा देगा जम्बू द्वीप को। फिर कब्जा कर लेगा वहां। फिर तो सारा विकास अपने आप हो जायेगा। सुझाव इतना नायाब था कि लोग तुरंत चल पड़ने को तैयार हो गये। एक ब्लॉगर को चिंतित देख कर लोगों ने कारण पूछा। वह बोला मैं यह सोचकर तो खुश हूं कि अब हमारा विकास हो जायेगा। पर यह सोचकर परेशान हूं कि अगर हमनें अमेरिका पर कब्जा कर लिया तब क्या होगा?

संता बंता नॉन-स्टॉप

संताः "यार बंता, तू हमेशा फॉरेन चैनल क्यों देखता रहता है?"
बंताः "यार, कुछ बिजली उनकी भी खर्च होने दो!"

संताः "यार बंता, तू हमेशा फॉरेन चैनल क्यों देखता रहता है?"
बंताः "यार, कुछ बिजली उनकी भी खर्च होने दो!"

संता वकील बंता सेः आप गीता पर हाथ रखकर कहिए कि...
बंताः ओए ये क्या! सीता पर हाथ रक्खा तो कोर्ट में बुलाया, अब फिर गीता पर हाथ..

संता टीचर ने छात्र बंता से पूछा, "बता अकल बड़ी या भैंस?"
बंता मुस्करा कर बोला, "एलो! पहले दोनों की डेट आफ बर्थ तो बताओ!!"

[संकलनः रमन बी, जीतेन्द्र, अतुल तथा अनूप]

टिप्पणियाँ (0)add
password
 

 
< पिछला

   
Click here to lend your support to: Nirantar and make a donation at www.pledgie.com !

कुछ खोज रहे हैं?

विशेष आकर्षण

वेबलॉग नीतिशास्त्र
वेबलॉग नीतिशास्त्र
सारांश में पेश करते हैं पुस्तकाँश या पुस्तक समीक्षा। निरंतर के पहले अंक में हमें प्रसन्नता है रेबेका ब्लड की पुस्तक "द वेबलॉग हैन्डबुक" के अंश का हिन्दी रूपांतर प्रस्तुत करते हुए। रेबेका 1996 से अंर्तजाल पर हैं, उनका ब्लॉग रेबेकाज़ पॉकेट खासा प्रसिद्ध है।
Read More >>

कौन है ऑनलाइन

इस समय 2 अतिथि ऑनलाइन है

लेखकों के लिये सूचना

क्या आप निरंतर के लिये लिखना चाहते हैं? तो आज ही "निरंतर मित्र" समूह के निःशुल्क सदस्य बनें!

ईमेल पता भरें:

कॉपीराईट संबंधी सूचना

निरंतर पर प्रकाशित सामग्री को अंतर्जाल पर पुनर्प्रकाशित नहीं किया जा सकता। प्रिंट प्रकाशनों हेतु (यदि अन्यथा इंगित न किया गया हो तो) निम्नलिखित नियम लागू होते हैं। संशय की स्थिति में हमसे patrikaa at gmail dot com पर संपर्क करें।
Creative Commons License