निरंतर के अनिरंतर प्रकाशन का एक मुख्य कारण सामग्री का अभाव रहा है। जिस तरह के खोजी, ज्ञानपरक, सामाजिक और तकनीकी लेख हम छापते हैं उनके लेखकों का टोटा पड़ा रहता है। निरंतर पर हम लेखकों को पारिश्रमिक देने का मन बना रहे हैं। पर किसी वेब पत्रिका के लिये यह विज्ञापनदाताओं और संरक्षकों के बिना करना असंभव है। अतः हर माह ज़रूरी राशि संजोने के लिये हम तुरंत प्रभाव से निरंतर पर बैनर एड शुरु करने जा रहे हैं। यदि आप या आपका संस्थान निरंतर को समर्थन देना चाहता हो तो हम तिमाही, छमाही और वार्षिक अवधि के लिये आपका बैनर एड सशुल्क निरंतर पर दिखायेंगे। इच्छुक व्यक्ति व संस्थान अधिक जानकारी के लिये हमें patrikaa at gmail dot com पर लिख सकते हैं।



अच्छा अंतर्जाल कहां चला गया?

ई-मेल
निरंतर
  

Ashish Tiwari

खास निरंतर के लिए हुसैन द्वारा संकलित

टिप्पणियाँ (2)add
शुभ
written by v9y on फ़रवरी 29, 2008

अपनी भाषा अपनी बोली
अपने अन्दाज़ में लिखना
मुद्दे कुछ हों शिकवे कुछ हों
अपना ही नज़रिया कहना
आज़ाद सतह पर छपती हो
मन की मन में ना रखना
कभी देर-सवेर भले हो लेकिन
सदा निरन्तर रहना

शुभ...

- विनय
(Submitted on Thu, 2005-03-10 04:19)

बढ़िया है.
written by रमन बी on फ़रवरी 29, 2008

पूरी पत्रिका ही बढ़िया है.. इस लेख में काफ़ी अच्छे लिंक्स दिये गये है.. बहुत बहुत बधाईयां.
(Submitted on Wed, 2005-03-09 17:23)

password
 

 
प्रयोक्ता का मुल्यांकन: / 0
बेकारअति उत्तम 

   

लेखकों के लिये सूचना

क्या आप निरंतर के लिये लिखना चाहते हैं? तो आज ही "निरंतर मित्र" समूह के निःशुल्क सदस्य बनें!

ईमेल पता भरें:

आपकी राय

निरंतर के लिये आप क्यों लिखेंगे?
 

विशेष आकर्षण

वेबलॉग नीतिशास्त्र
वेबलॉग नीतिशास्त्र
सारांश में पेश करते हैं पुस्तकाँश या पुस्तक समीक्षा। निरंतर के पहले अंक में हमें प्रसन्नता है रेबेका ब्लड की पुस्तक "द वेबलॉग हैन्डबुक" के अंश का हिन्दी रूपांतर प्रस्तुत करते हुए। रेबेका 1996 से अंर्तजाल पर हैं, उनका ब्लॉग रेबेकाज़ पॉकेट खासा प्रसिद्ध है।
पूरा पढ़ें >>
Join My Community at MyBloglog!
Creative Commons License
निरंतर पर प्रकाशित सामग्री पर (यदि अन्यथा इंगित न किया गया हो तो) Creative Commons Attribution - NonCommercial - ShareAlike 2.5 License के नियम लागू होते हैं। संशय की स्थिति में हमसे संपर्क करें