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गिरवी लोकतन्त्र

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अतानु दे

  

  • "अगर आपके पास सोने की खदान है तो आप उसे किराये पर देंगे? जी नही खुदाई के लिए तुरंत फावड़ा उठायेंगे।" -गौरव
  • "क्या भारत का लोकतन्त्र भ्रष्ट राजनेताओ के यहाँ गिरवी पड़ा है?" -जीतू
  • "क्या विधान है, न्याय के मंदिर में ही न्याय का बलात्कार। वो भी पुजारी द्वारा!" - आशीष
  • "अतीत गरीब की लुगाई हो गया, सब छेड रहे हैं।" -फुरसतिया
  • "समय और परिस्थितियों के अनुकूल अपने को न बदल पाने के कारण बहुत से धर्म ग्रन्थों की जो (दुर्)गति हो गयी है, वह भारत के संविधान की न होने पाये।" -अनुनाद सिंह
  • "निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारौं की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की" -तरूण

अतानु दे
About the author:
अतानु डे का ब्लॉग दिशा 2004 की इंडीब्लॉगीज़ प्रतोयोगिता में बेस्ट इंडीब्लॉग के पुरस्कार से नवाज़ा गया है। अतानु मैकेनिकल इंजीनियर हैं और कंप्यूटर साईंस में स्नात्तकोत्तर। तकरीबन 6 साल उन्होंने सिलिकॉन वैली में ह्यूलेट पैकार्ड के लिये उत्पाद विपणन का कार्य किया। पाँच साल तक भारत, अमरीका और यूरोप की खाक छानी और फिर यह एहसास हुआ कि अर्थशास्त्र के बारे में तो कुछ जानते ही नहीं। तो उन्होंने बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी आफ कैलिफॉर्निया से अर्थशास्त्र पढ़ा और भारतीय दूरसंचार क्षेत्र पर अपना शोधप्रबंध पूरा किया।

अपने खाली समय में अतानु शास्त्रीय संगीत सुनते हैं, विपासना ध्यान लगाते हैं, भौतिक विज्ञान पढ़ते हैं, बौद्ध धर्म पर व्याख्यान देते हैं और अपने ब्लॉग पर लिखते हैं। उनकी कवितायें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
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