लेखक परिचय
गौरव सोलंकी
गौरव का जन्म 7 जुलाई, 1986 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के 'जिवाना गुलियान' गाँव में हुआ। आरम्भिक शिक्षा-दीक्षा संगरिया (राजस्थान) में हुई। उसके बाद आईआईटी, रुड़की से बीटेक करने के बाद वे संप्रति गुड़गाँव में कार्यरत हैं। गौरव आईआईटी की साहित्यिक पत्रिका 'क्षितिज' के मुख्य संपादक रहे हैं। सिनेमा का जुनून है, कुछ करने की कोशिश जारी है। उनका हिन्दी चिट्ठा http://merasaman.blogspot.com पर है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://merasaman.blogspot.com
पूर्णिमा वर्मन
जन्म : 27 जून 1955 शिक्षा : संस्कृत साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि, स्वातंत्र्योत्तर संस्कृत साहित्य पर शोध, पत्रकारिता और वेब डिज़ायनिंग में डिप्लोमा। कार्यक्षेत्र : पीलीभीत (उत्तर प्रदेश, भारत) की सुंदर घाटियों जन्मी पूर्णिमा वर्मन को प्रकृति प्रेम और कला के प्रति बचपन से अनुराग रहा। मिर्ज़ापुर और इलाहाबाद में निवास के दौरान इसमें साहित्य और संस्कृति का रंग आ मिला। पत्रकारिता जीवन का पहला लगाव था जो आजतक साथ है। खाली समय में जलरंगों, रंगमंच, संगीत और स्वाध्याय से दोस्ती। संप्रति : पिछले बीस-पचीस सालों में लेखन, संपादन, स्वतंत्र पत्रकारिता, अध्यापन, कलाकार, ग्राफ़िक डिज़ायनिंग और जाल प्रकाशन के अनेक रास्तों से गुज़रते हुए फिलहाल संयुक्त अरब इमारात के शारजाह नगर में साहित्यिक जाल पत्रिकाओं 'अभिव्यक्ति' और 'अनुभूति' के संपादन, हिन्दी विकीपीडया में योगदान देने और कलाकर्म में व्यस्त। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.anubhuti-hindi.org/
आदित्य सुदर्शन
Aditya Sudarshan is a graduate of the National Law School of India University and lives in Delhi. His particular literary interests lie in fiction that combines emotive weight with suspense. His first novel, a mystery novel titled 'A Nice Quiet Holiday', has been published by Westland Books/Tranquebar Press in March 2009. [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
अमरीक सिंह दीप
जन्म: 5 अगस्त 1942 को कानपुर में। शिक्षा हाईस्कूल। प्रकाशित कृतियां: कहानी संग्रह: कहां जाएगा सिद्धार्थ, काला हाण्डी, चांदनी हूं मैं¸ सिर फोड़ती चिड़िया। हंस, कथादेश, कथाक्रम, वसुधा¸ साक्षात्कार और वागर्थ जैसी पत्रिकाओं में निरंतर कहानियां प्रकाशित। सम्प्रति – स्वतंत्र लेखन। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
अनूप शुक्ला
जन्म: 16 सितंबर, 1963. शिक्षा: बी.ई़.(मेकेनिकल), एम ट़ेक (मशीन डिज़ाइन). संप्रति: भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आयुध निर्माणी में राजपत्रित अधिकारी। इंटरनेट पर नियमित लेखन। आपका हिन्दी चिट्ठा फुरसतिया खासा लोकप्रिय है। अनूप निरंतर पत्रिका के मुख्य संपादक हैं और चिट्ठा चर्चा करते रहते हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://hindini.com/fursatiya
अतुल अरोरा
जन्म: 7 मई 1970¸ कानपुर में। शिक्षा: पीपीएन कॉलेज कानपुर से बीएससी, एचबीटीआई से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन। कार्यक्षेत्र: फिलाडेल्फिया में एक कंप्यूटर प्रोग्रामर की हैसियत से कार्यरत। सिनेमा¸ भ्रमण एवं फोटोग्राफी में रुचि। शौकिया तौर पर एक ब्लॉग रोजनामचा लिखना शुरू किया¸ जिसमें हल्के–फुल्के विषयों से लेकर राजनीति जैसे गंभीर विषयों पर निजी विचार व्यक्त कर छपास की निजी पीड़ा को बुझाया है। अमेरिका प्रवास में हुए अनुभवों में हास्यमिश्रण कर उन्हें एक छोटी पुस्तक का रूप देने की कोशिश है 'लाइफ इन ए एचओवी लेन' में। इनका हिन्दी चिट्ठा है रोजनामचा जो वर्ष 2004 में इंडीब्लॉगीज़ पुरस्कार से नवाजा़ जा चुका है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://lifeinahovlane.blogspot.com/
अतानु दे
अतानु डे का ब्लॉग दिशा 2004 की इंडीब्लॉगीज़ प्रतोयोगिता में बेस्ट इंडीब्लॉग के पुरस्कार से नवाज़ा गया है। अतानु मैकेनिकल इंजीनियर हैं और कंप्यूटर साईंस में स्नात्तकोत्तर। तकरीबन 6 साल उन्होंने सिलिकॉन वैली में ह्यूलेट पैकार्ड के लिये उत्पाद विपणन का कार्य किया। पाँच साल तक भारत, अमरीका और यूरोप की खाक छानी और फिर यह एहसास हुआ कि अर्थशास्त्र के बारे में तो कुछ जानते ही नहीं। तो उन्होंने बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी आफ कैलिफॉर्निया से अर्थशास्त्र पढ़ा और भारतीय दूरसंचार क्षेत्र पर अपना शोधप्रबंध पूरा किया। अपने खाली समय में अतानु शास्त्रीय संगीत सुनते हैं, विपासना ध्यान लगाते हैं, भौतिक विज्ञान पढ़ते हैं, बौद्ध धर्म पर व्याख्यान देते हैं और अपने ब्लॉग पर लिखते हैं। उनकी कवितायें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.deeshaa.org/
अविजित मुकुल किशोर
Avijit Mukul Kishore or Mukul, as he prefers to be called, is a film director and cinematographer based in Mumbai. Mukul was born in Lucknow on 29 August 1969. He grew up in Delhi studying at Salwan Public school and Sardar Patel Vidyalaya. He is a graduate in history from Hindu college of New Delhi. During 1987-1992, he worked with Feisal Alkazi's Music Theatre Workshop, as well as working for programmes aimed at children and adolescents on Doordarshan, the Indian state TV channel. After a course of cinematography at the Film and Television Training Institute (FTII) in Pune (India) in 1995, he came to Mumbai. In a short span of time, he has built up an impressive portfolio of work as a cameraman, some of which has been shown at international film festivals and has won critical acclaim. [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://avimuk.blogspot.com/
बिज़ स्टोन
बिज़ स्टोन माइक्रोब्लॉगिंग अनुप्रयोग ट्विटर के सह संस्थापक हैं। उन्होंने जांगा, ब्लॉगर और ओडियो तथा ओब्वियस के निर्माण में भी सहयोग दिया। उन्होंने सोशियल मीडिया पर दो पुस्तकें लिखी हैं, ब्लॉगिंगः जीनीयस स्ट्रेटेटीज़ फॉर इंस्टैंट वेब कंटेंट और हू लेट द ब्लॉग्स आउट? [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.bizstone.com/
हुसैन
चग्स के नाम से जाने जाने वाले हुसैन बंगलौर स्थित एक जानेमाने और प्रतिभाशाली वेब डिज़ाईनर है। उनके द्वारा डिज़ाइन किये जालस्थलों में इंडीब्लॉगीज़ और देसीपंडित शामिल हैं। चग्स की संडे मार्निंग लिंक्स काफी लोकप्रिय हैं और निरंतर पत्रिका के शुरुवाती दौर, यानि 2005 के आसपास, "कड़ी की झड़ी" स्तंभ में भी शामिल की जाती रहीं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://chugsdesigns.com
देबाशीष चक्रवर्ती
पुणे स्थित एक सॉफ्टवेयर सलाहकार देबाशीष चक्रवर्ती हिन्दी के शुरुवाती चिट्ठाकारों में से एक हैं। वे इंटरनेट पर Geocities के दिनों से सक्रिय रहे हैं, उन्होंने अक्टूबर 2002 में अपना अंग्रेज़ी ब्लॉग नल प्वाइंटर और नवंबर 2003 में हिन्दी चिट्ठा नुक्ताचीनी आरंभ किया। देबाशीष DMOZ पर संपादक रहे हैं। उन्होंने हिन्दी व भारतीय भाषाओं के ब्लॉग पर एक जालस्थल चिट्ठा विश्व भी शुरु किया था, यह हिन्दी व भाषाई ब्लॉग्स का सबसे पहला एग्रीगेटर था। उन्होंने वर्डप्रेस, इंडिक जूमला तथा आई जूमला जैसे अनेक अनुप्रयोगों के हिन्दीकरण में योगदान दिया है। 2005 में उन्होंने इस पत्रिका (जिसे पूर्व में निरंतर के नाम से जाना जाता था) का प्रकाशन अन्य साथी चिट्ठाकारों के साथ आरंभ किया। देबाशीष ने इंडीब्लॉगीज नामक वार्षिक ब्लॉग पुरुस्कारों की स्थापना भी की है। उन्हें बुनो कहानी तथा अनुगूंज जैसे सामुदायिक प्रयासों को शुरु करने का भी श्रेय जाता है। संप्रति ब्लॉग लेखन के अलावा हिन्दी पॉडकास्ट पॉडभारती पर सक्रीय हैं और यदाकदा अंग्रेज़ी व हिन्दी विकिपीडिया पर योगदान देते रहते हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.debashish.com/
दीना मेहता
दीना मुम्बई स्थित गुणात्मक शोध परामर्शदाता हैं। उन्हें 16 वर्ष का कार्यानुभव है। सामाजिक मीडीया और तकनलाजी में उनका शोध तब प्रारंभ हुआ जब 2003 में उन्होंने अपने ब्लॉग कि स्थापना की। एक शोधकर्ता और खोजी के रूप में दीना की सामाजिक तंत्र सेवाएँ, औज़ार तथा तकनीकों में विशेष रुचि है। इस से आते बदलाव कि परख के लिए वे दुनिया भर के लोगों के साथ बातचीत में मुबतला हैं। दीना वर्ल्ड चेनजिंग और द साउथ-ईस्ट एशिया अर्थक्वेक एंड त्सुनामीज़ ब्लॉग के लिए भी लिखती हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.dinamehta.com
डॉ जगदीश व्योम
जन्म: 1 मई 1960, शंभूनगला, फर्रुखाबाद, उ.प्र. शिक्षा: एम.ए.हिंदी साहित्य में, एम.एड., पीएचडी शोधकार्य: लखनऊ विश्वविद्यालय से 'कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण' पर। भारत की लगभग सभी पत्र पत्रिकाओं में शोध लेख, कहानी, बालकहानी, हाइकु, नवगीत आदि का अनवरत प्रकाशन। आकाशवाणी दिल्ली, मथुरा, सूरतगढ़, ग्वालियर, लखनऊ, भोपाल आदि केंद्रों से कविता, कहानी, वार्ताओं का प्रसारण। शोधग्रंथ 'कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण' के लिए 'प्रकाशिनी हिंदी निधि,कन्नौज' द्वारा सम्मानित। 'नन्हा बलिदानी' बाल उपन्यास के लिए पांच पुरस्कार। संप्रति केंद्रीय विद्यालय एस.पी.एम, होशंगाबाद, म.प्र. में पी.जी.टी. हिंदी पद पर कार्यरत। प्रकाशित कृतियां: काव्य संग्रह:– इंद्रधनुष,भोर के स्वर। शोध ग्रंथ:– कन्नौजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण, कन्नौजी लाकोक्ति और मुहावरा कोश। बाल उपन्यास:– नन्हा बलिदानी, डब्बू की डिबिया बाल कहानी संग्रह:– सगुनी का सपना संपादित कहानी संग्रह:– आज़ादी के आस–पास, कहानियों का कुनबा संपादन– हाइकु दर्पण, बाल प्रतिबिंब [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.jagdishvyom.blogspot.com/
ई-स्वामी
ई-स्वामी दरअसल आपका छद्मनाम है और आपके चिट्ठे का नाम भी! इन्दौर, मध्यप्रदेश में जन्मे, पले-बढे। कुछ समय दिल्ली में रहे, फ़िर अमरीका में बस गये। सू़चना-विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://hindini.com/hindini
गोविंद उपाध्याय
सशक्त युवा कथाकार गोविंद उपाध्याय का जन्म 5 अगस्त, 1960 को हुआ। देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में उनकी लगभग 150 रचनायें प्रकाशित हुई हैं, कथा संग्रह "पंखहीन" शीघ्र प्रकाश्य। सम्प्रति- आयुध निर्माणी में कार्यरत हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
इला प्रसाद
जन्मः जून १९६०, झारखंड की राजधानी राँची में। राँची विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातकोत्तर के पश्चात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से भौतिकी में पी. एच.डी। भारतीय प्रॊद्योगिकी संस्थान, मुम्बई में सी. एस.आई. आर की शोधवृत्ति पर शोध परियोजना के अंतर्गत कुछ वर्षों तक शोधकार्य। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्टीय वैझानिक शोध पत्रिकाओं में शोधपत्र प्रकाशित। छात्र जीवन में ही काव्य लेखन की शुरूआत। प्रारंभ में कालेज पत्रिका एवं आकाशवाणी तक सीमित। साहित्य से जुड़ाव एवं अपने को अभिव्यक्त कर पाने की क्षमता उस वातावरण की देन है जो उनके घर में सहज सुलभ था। इसी वजह से वैझानिक शोधकार्य के दिनों में भी लेखन क्षमता पल्लवित होती रही। पहली कहानी २००२ में जनसत्ता में प्रकाशित। उसी वर्ष विवाहोपरान्त अमेरिका आने पर यह सिलसिला विश्व हिन्दी न्यास, न्यूयॉर्क की पत्रिका "हिन्दी जगत" के माध्यम से पुन: जुड़ा। अब तक लगभग सभी प्रमुख वेब पत्रिकाओं/पत्रिकाओं यथा अनुभूति, कृत्या, हिन्दी नेस्ट, साहित्य कुंज, कलायन तथा पुरवाई( लंदन), स्पाइल-दर्पण (नार्वे), कथाक्रम तथा वर्तमान साहित्य में कविताएँ, कहानियाँ प्रकाशित। कहानी "रोड टेस्ट" का तेलुगू में अनुवाद एवं "आन्ध्र ज्योति में प्रकाशन। इलानरेन के नाम से भी लेखन। एक काव्य संग्रह "धूप का टुकड़ा" प्रकाशनाधीन। अपने अधूरे अनाम उपन्यास पर पिछले वर्ष से कार्यरत। लेखन के अतिरिक्त योग, रेकी, बागवानी, फ़ोटोग्राफ़ी, पर्यटन एवं पुस्तकें पढ़ने में रुचि। टामबाल कालेज, ह्यूस्ट्न में भौतिकी एवं गणित का प्राध्यापन। संप्रति हूस्टन, अमरीका में वास। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
जगदीश भाटिया
Web site: http://aaina.jagdishbhatia.com/
जीतेंद्र चौधरी
जीतेंद्र चौधरी कुवैत में रहते हैं और लोकप्रिय हिंदी ब्लॉगर हैं। जीतू सॉफ्टवेयर और तकनीकी मार्केटिंग से जुड़े हैं लेकिन उनके 'मेरा पन्ना' ब्लॉग पर कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी से लेकर भारत के गांव तक की बातें पढ़ने को मिल जाती है। इसके अलावा जीतू हिंदी चिट्ठों के एग्रीगेटर नारद के संचालक हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.jitu.info/merapanna/
मितुल पटेल
वाराणसी, बनारस और काशी के नाम से प्रासिद्ध नगर मेरा जन्मस्थान है। पूर्वज गुजरात के कच्छ जिले से व्यापार के सिलसिले में यहाँ बसे थे, बचपन यहाँ पर ही बीता। इंजीनियरिंग की शिक्षा के लिए पुणे गया, कुछ वर्ष वहाँ काम करने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका में बसा हुआ हुँ। फिलहाल टेक्सास के ह्युस्टन नगर में आई-टी में कार्यरत। हिन्दीनी, नारद, परिचर्चा , ई-स्वामी आदि की मदद से हिन्दी को कंप्यूटर के साथ जोड़ना सीखा। हिन्दी चिट्ठों का प्रशंसक, विश्वास रखता हूँ कि हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओ के द्वारा बहुत सारे लोग इंटरनेट से जल्द ही जुड़ेंगे। यह लोग इंटरनेट और कंप्यूटर को नई नजर से देखेंगे और इंटरनेट से जुड़ा विश्व इनको एक नई नज़रिये से देखेगा। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
एन कुंजू
Delhi based. 25 years in the Army including 6 years in the Editorial of Sainik Samachar (retired as Subedar Major). 15 years with fortnightly Caravan/Alive (last as the Journal’s Senior Editor.). 5 Novels translated from Malayalam to English. [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
निरंतर पत्रिका दल
Web site: http://www.nirantar.org
पैट्रिक्स
पैट्रिक्स पुराने अंग्रेजी चिट्ठाकारों में से एक हैं और देसीपंडित के संस्थापक भी। उनका चिट्ठा नर्व एंडिंज़ फायरिंग अवे सामयिक विषयों, सामाजिक व तकनीकी चीजों पर केंद्रित रहता है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.ipatrix.com
पंकज नरूला
मिर्ची सेठ पंकज नरूला की चिट्ठाकारी के प्रति प्रतिबद्धतता का उदाहरण इस बात से भी दिया जा सकता है कि उन्होंने ब्लॉगर पर अपना चिट्ठा प्रारंभ करने के पश्चात जल्दी ही अपनी निजी होस्टिंग की ओर रूख कर लिया। पंकज हिन्दी चिट्ठाजगत से कई अनूठे प्रयासों के प्रणेता रहे हैं, जिनमें चिट्ठाकारों की अपनी चौपाल अक्षरग्राम, सार्वजनिक विकि सर्वज्ञ, ब्लॉग एग्रीगेटर नारद इत्यादि। जब हिन्दी ब्लॉगज़ीन निरंतर की होस्टिंग की बात आई तो पंकज ने सहर्ष इसकी होस्टिंग अपने जालस्थल पर करने का जिम्मा उठाया था। अम्बाला में जन्मे पंकज चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से विद्युत अभियांत्रिकि में स्नातक हैं। पिछले कुछ वर्षों से वे सैन होज़े में सैप कंसलटिंग में कार्यरत हैं। ब्लॉग लेखन के ख्यात माध्यम मूवेबल टाईप एवं वर्डप्रैस का हिन्दी में स्थानीयकरण सम्पूर्ण करने के साथ साथ वे हिन्दी से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर अपनी राय और भागीदारी देते रहते हैं। पंकज अपने चिट्ठों मिर्ची सेठ औऱ बीटा थॉट्स के ज़रिए अपनी बात कहते हैं। भाषा के सौन्दर्य एवं लेखन विन्यास में रुचि रखने वाले पंकज हिन्दी में अपनी बात करने को माँ से बात करने के समान ही मानते हैं। उनके लेखन का लहज़ा हल्का फुलका और मज़ाहिया होता है और यही बात पाठकों को भाती भी है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://pnarula.com
प्रत्यक्षा सिन्हा
जन्म: 26 अक्तूबर 1963 को गया, भारत में। सम्प्रति: प्रबंधक वित्त, पॉवरग्रिड आफ इंडिया लिमिटेड, गुड़गांव में कार्यरत। प्रत्यक्षा ने 2006 में लेखन शुरु कया, अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में उनकी कहानियाँ प्रकाशित हुई हैं। कहानियों के एक संकलन "जंगल का जादू तिल तिल" को 2007 में भारतीय ज्ञानपीठ ने प्रकाशित किया है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://pratyaksha.blogspot.com/
प्रो.यश पाल
प्रोफ़ेसर यश पाल (जन्म: २६ नवंबर १९२६) भारतीय शिक्षाविद व वैज्ञानिक हैं। यश पंजाब विश्वविद्यालय से १९४९ में भौतिकी में स्नातक बने और १९५८ से मैसेश्यूसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेकनलाजी से इसी विषय पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। यश पाल अनेक महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे हैं जिन में शामिल हैं योजना आयोग में मुख्य सलाहकार (१९८३-१९८४), विज्ञान व तकनलाजी विभाग में सचिव (१९८४-१९८६) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग में अध्यक्ष (१९८६-१९९१)। पाल दूरदर्शन पर अत्यंत चर्चित विज्ञान कार्यक्रम टर्निंग प्वाईंट में भागीदारी व विज्ञान को साधारण शब्दों में आम जनता तक पहुंचाने के प्रयासों के कारण लोकप्रिय रहे हैं। वे भारत की छाप जैसे टीवी के विज्ञान कार्यक्रमों के सलाहकार मंडल में भी शामिल रहे हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
रमण कौल
जन्म: 14 जून 1962 को बांडीपुर, कश्मीर में। शिक्षा: कश्मीर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक। जॉन्स हॉफ्किन्स यूनिवर्सिटी, बाल्टीमोर में स्नातकोत्तर छात्र। इंटरनेट पर हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के प्रयत्नों में कार्यशील। हिंदी के अतिरिक्त अंग्रेज़ी और मातृभाषा कश्मीरी में चिठ्ठाकारी करते हैं। अपने हिन्दी चिट्ठे 'इधर उधर की' पर विविध विषयों पर लिखते रहते हैं। हिंदी संबंधित विभिन्न चर्चा–समूहों, टीम–ब्लॉग, विकी और बुनो–कहानी जैसे प्रकल्पों में सक्रिय। 'यूनीनागरी' नामक इनके बनाये हिन्दी आनलाईन टाईपराईटर से जाल पर अनेकों ने हिन्दी लिखना सीखा है व सीख रहे हैं। संप्रति मेरीलैंड, अमरीका में रेलवे उपकरण अभिकल्प इंजीनियर। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://kaulonline.com/uninagari/
रति सक्सेना
जन्म: ८ जनवरी, १९५४ को उदयपुर, राजस्थान (भारत) में। शिक्षाः एम.ए. (संस्कृत, हिन्दी), बी.एड. (संस्कृत), पी एच.डी. (अथर्ववेदीय पदार्थ योजना) कार्यः अध्यापन, शोधकार्य, लेखन (कविताएँ, समालोचन), दूरदर्शन और आकाशवाणी प्रसारण प्रकाशनः कविताएँ, साहित्यिक लेख, कहानियाँ विविध दैनिक और जाल पर प्रसारित कविताएँ- माया महा ठगिनी (स्टेट बैंक पुरस्कार), अजन्मी कविता की कोख से जन्मी कविता (राजस्थान अकादमी पब्लिकेशन), सपने देखता समुद्र समालोचनः बालमणी अम्मा की काव्य कला और दर्शन(साहित्य अकादमी पब्लिकेशन) आपकी कविताओं का अंग्रेज़ी व मलायलम में अनुवाद हुआ है। तथा अनेक संस्थाओं ने आपकी साहित्यिक सेवाओं के लिए पुरस्कृत किया है। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.kritya.in
रविशंकर श्रीवास्तव
रविशंकर श्रीवास्तव नामचीन हिन्दी चिट्ठाकार, तकनीकी सलाहकार व तकनीकी अनुवादक हैं। आप मध्य प्रदेश शासन में टेक्नोक्रेट रह चुके हैं। आपने लिनक्स तंत्रांशों के हिन्दी अनुवादों के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। आपने गनोम, केडीई, एक्सएफसीई, डेबियन इंस्टालर, ओपन ऑफ़िस मदद इत्यादि सैकड़ों प्रकल्पों का हिन्दी अनुवाद स्वयंसेवी आधार पर किया है। वर्ष 2007-09 के लिए आप माइक्रोसॉफ़्ट मोस्ट वेल्यूएबल प्रोफ़ेशनल से पुरस्कृत हैं तथा केडीई हिन्दी टोली के रूप में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फॉस.इन 2008 से पुरस्कृत हैं। सराय द्वारा FLOSS फेलोशिप के तहत केडीई के छत्तीसगढ़ी स्थानीयकरण के महती कार्य के लिये, जिसके अंतर्गत उन्होंने 1 लाख से भी अधिक वाक्यांशों का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद किया, रवि को 2009 के प्रतिष्ठित मंथन पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://raviratlami.blogspot.com/
रविन्द्र कालिया
रविन्द्र कालिया हिन्दी साहित्य जगत के सुपरिचित लेखक हैं‚ इनकी पत्नी ममता कालिया भी लोकप्रिय उपन्यासकार और कथा लेखिका हैं। दो वयस्क होते बच्चों के पिता रविन्द्र बड़े जीवन्त व्यक्ति हैं। रविन्द्र कालिया उन विरल रचनाकारों में से एक हैं‚ जिन्होंने पिछले अरसे में कहानी में शिल्प‚ शैली और संवेदना के स्तर पर कई परिवर्तन किये हैं। उनकी लेखकीय परिपक्वता‚ सहजता और साहस का दस्तावेज है 'गालिब छुटी शराब'। जिगर की गम्भीर बीमारी से जूझते हुए जहाँ कोई रचनाकार टूट कर बिखर जाता वहीं रविन्द्र जी ने उसी संघर्ष को अपना पाथेय बना बड़ी बेबाकी से उसे पाठकों से रूबरू करवाया है। रविन्द्र ने अब तक की अपनी ज़िन्दगी में चित्र–विचित्र बहुत से रंग देखे हैं‚ और हर हाल में मस्त रहे हैं। उनकी चौबीस प्रकाशित मौलिक पुस्तकें इसकी भरपूर मिसाल हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
शशि सिंह
शशि सिंह की लेखनी ने टेलीविजन पर मायावी दुनिया गढ़ने से लेकर, पत्रकारिता में दुनिया की हकीकत बयां करने और फिर चिट्ठाकारी तक का सफर तय किया है। पत्रकारिता की मुख्यधारा छूट चुकी है लेकिन न तो मीडिया से नाता टूटा है और न ही खुद को पत्रकार कहना छोड़ा है। अब खुद को न्यू मीडिया के खांचे में पाते हैं, संप्रति मुम्बई में एक बहुराष्ट्रीय टेलीकॉम कंपनी में प्रबंधक हैं। यहां उन पर मोबाइल पर वेल्यू एडैड सर्विसेज़ के लिए उपयोगी बॉलीवुड व क्षेत्रीय भाषाओं की सामग्री की पहचान और विकास की जिम्मेदारी है। शशि की कर्मभूमि मुम्बई भले हो लेकिन जड़े झारखंड के कोयला खदानों से होती हुई बिहार में सरयू नदी के तीर तक जाती है। भोजपुरी, नागपुरी व हिंदी के अलावा उन्हें पसंद हैं बच्चे। घर में पत्नी व पुत्र वेदांत के अलावा माता पिता व दो छोटे भाई हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://shashisingh.in/
डॉ सुनील दीपक
जन्म: 13 जून 1954 को लखनऊ, उत्तरप्रदेश में। हिंदी लेखन और शिक्षण से जुड़ा परिवार। दिल्ली विश्वविद्यालय से चिकित्सा शास्त्र में स्नातक। विभिन्न जगहों से उच्च शिक्षा जिनमें अमरीका में जॉन्स हॉप्किन्स तथा इंग्लैंड में लीडस् विश्वविद्यालय भी हैं। हिंदी के अतिरिक्त अँग्रेजी तथा इतालवी भाषा में चिट्ठाकारी और लेखन। संप्रति बोलोनिया (इटली) में एक गैर सरकारी संस्था में वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ और विश्व स्वास्थ्य संस्थान, (जेनेवा, स्विटज़रलैंड) में विकलाँगता विषय पर सलाहकार। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
वरुण अग्रवाल
Varun is a technology enthusiast with a flair for writing. He has worked in the BPO industry before joining media. Varun handled the Delhi bureau for Express Computer in the past before joining UBM. Currently writes for Network Computing and CRN publications of the UBM group. [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
Web site: http://www.networkcomputing.in/
डॉ वीणा सिन्हा
डॉ वीणा सिन्हा कॉलेज ऑफ कॉमर्स, मगध यूनिवर्सिटी, पटना में सोशियोलॉजी की अवकाशप्राप्त प्रोफेसर हैं। 60 के दशक में उनकी लिखी कहानियाँ सारिका, माया, मनोरमा (मनोरमा तब की, आज वाली नहीं) में प्रकाशित हुईं, फिर लिखना छूट सा गया। उन्हीं दिनों पटना रेडियो पर सुगम व अर्ध शास्त्रीय गायन के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। वीणा लोकप्रिय हिन्दी चिट्ठाकार प्रत्यक्षा की माँ हैं। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]
विजय मनोहर तिवारी
मंडीबामौरा (मध्य प्रदेश) में जन्म। विदिशा के एस.एस.एल.जैन कालेज से गणित में एम.एस.सी. प्रथम श्रेणी प्रथम। एक वर्ष कालेज के ही गणित विभाग में अध्यापन। 1992 में पत्रकारिता की ओर रुख। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से 1993 में स्नातक की उपाधि, प्रथम श्रेणी प्रथम। तत्पश्चात एक वर्ष दैनिक नई दुनिया भोपाल और फिर नई दुनिया इंदौर में 1 वर्ष रिपोर्टिंग। 2003 में प्रिंट से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रवेश, 'सहारा समय' न्यूज चैनल में संवाददाता रहे। 1997 से 2002 तक श्रेष्ठ रिपोर्टिंग के लिये कई अवार्ड। आलेख संग्रह 'प्रिय पाकिस्तान' प्रकाशित। उपन्यास 'अंतर्कथा' अप्रकाशित। संप्रति दैनिक भास्कर, भोपाल में विशेष संवाददाता के रूप में पदस्थ। [इस लेखक के आलेख पढ़ें]

