आमुख कथा

भारत में एड्सः शतुरमुर्ग सा रवैया

एड्स से निबटने के लिये योजनाबद्ध तरीके से लोहा ले सकने वाले नेतृत्व की दरकार है

एड्स को हमारे जीवन में आये पच्चीस साल हो गये। भारत अब विश्व की सर्वाधिक एचआईवी संक्रमित जनसंख्या वाला देश बन गया है। इस से निबटने के लिये मजबूत रीढ़ वाले नेतृत्व की दरकार है जो इससे आपदा नियंत्रण की तौर पर नहीं वरन योजनाबद्ध तरीके से लोहा ले। पढ़िये डॉ सुनील दीपक की आमुख कथा।

Aug 5th 2006, 6

ब्लॉग नहीं, यूज़नेट से बढ़ेगी हिन्दी

April 9, 2005 | 6 Comments

image यूनिकोड हिन्दी का प्रयोग करने वाले कम ही होंगे जिन्होंने मुफ्त यूनिकोड एडिटर तख्ती के बारे में न सुना हो। पर इसकी रचना करने वाले हेमंत शर्मा को शायद ही ज्यादा लोग जानते हों। हनुमान जी के भक्त हेमंत उन्हीं का नाम आगे रखते रहे हैं। संवाद के अंतर्गत पढ़िये हेमंत से निरंतर की विस्तृत बातचीत। लेख पढ़ें »
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आस्था की तुष्टि से संतोष मिलता है

May 23, 2005 | Leave comment

image रात के बाद सबेरा होता है या सबेरे के पहले रात? आजकल हसीनों में शर्मोहया क्यों नहीं है? पूजा के समय भगवान को प्रसाद व भोग चढ़ाया जाता है, यह जानते हुये भी कि अंतत: खाना इन्सान को ही है। आखिर क्यों? ऐसे ही टेड़े सवालों के मेड़े जवाब दे रहे हैं हाजिर जवाब फुरसतिया! लेख पढ़ें »
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टेरापैड: ब्लॉगिंग से आगे की सोच?

May 29, 2007 | 1 Comment

image टेरापैड कुछ ऐसी सेवाओं व विशेषताओं को आपके लिए लेकर आया है जो आपकी पारंपरिक चिट्ठाकारी की दशा व दिशा को बदल सकता है। जानिये रविशंकर श्रीवास्तव क्या कहते हैं इस नये ब्लॉग प्लैटफॉर्म के बारे में। लेख पढ़ें »
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वेबलॉग नीतिशास्त्र

March 29, 2005 | Comments Off on वेबलॉग नीतिशास्त्र

image सारांश में पेश करते हैं पुस्तकाँश या पुस्तक समीक्षा। निरंतर के पहले अंक में हमें प्रसन्नता है रेबेका ब्लड की पुस्तक "द वेबलॉग हैन्डबुक" के अंश का हिन्दी रूपांतर प्रस्तुत करते हुए। रेबेका 1996 से अंर्तजाल पर हैं, उनका ब्लॉग रेबेकाज़ पॉकेट खासा प्रसिद्ध है। लेख पढ़ें »
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धौंस नहीं सहेंगे चिट्ठों के सिपाही

April 9, 2005 | 1 Comment

image आंदोलन का प्रतीक माने जाने वाले अखबार कार्पोरेट्स के हाथों अपना ज़मीर बेच चुके हैं। ऐसे में ब्लॉग्स का ईमानदार स्वर आशाएं जगाता है। पढ़िये ब्लॉग्स पर मीडिया मुगलों की दादागिरी पर निरंतर का दो टूक संपादकीय।साथ ही पढ़ें याहू द्वारा फ्लिकर के अधिग्रहण और याहू 360° के पर्दापण पर निरंतर द्वारा बदलते परिदृश्य का आंकलन, "बड़े खिलाड़ी के आने से बड़ा हुआ खेल"। लेख पढ़ें »
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बुलबुले के घर?

February 9, 2007 | 4 Comments

image क्या भारतीय प्रॉपर्टी बाज़ार की कीमतों में अव्यावाहारिक उछाल बाजार में मांग और पूर्ति के नियमों पर आधारित है, या फिर एक फूलते बुलबुले का हिस्सा है जो जब भी फटे तबाही ही बरपा करेगा? आमुख कथा में जगदीश भाटिया और देबाशीष चक्रवर्ती के खोजी आलेख को पढ़िये और निर्णय लीजिये। लेख पढ़ें »
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आइए वर्डप्रेस अपनाएँ

June 1, 2005 | 1 Comment

यदि आपके पास अपना जालस्थान या वेबस्पेस उपलब्ध है तो आप अपने ब्लॉग को एक ऐसे ब्लॉगिंग तंत्रांश पर स्थापित कर सकते हैं जिसके दीवाने दुनिया भर में हैं। निरंतर के वर्डप्रेस विशेषाँक के अन्तर्गत प्रस्तुत है रमण कौल का आलेख जिसकी मदद से आप वर्डप्रेस पर अपना चिट्ठा शुरू करने की चाहत को मूर्त रूप दे सकते हैं। लेख पढ़ें »
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मोक्ष की दुकान बंद है

November 4, 2006 | 4 Comments

image "चिरकुट मिसिर का चिता की आग को उलट-पुलट कर हाथ व शरीर गरम करना, चिता जलने के बाद विष्ट के साथ ठेके पर दारू पीना और अब पत्नी द्वारा सारे कर्मकांड की बात भूलकर बिना नहाये रजाई में घुसने की अनुमति दे देना। लगता है कि आज मोक्ष की दुकान बंद है।" पढ़िये सशक्त कथाकार गोविंद उपाध्याय की लिखी कहानी। लेख पढ़ें »
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आस्कजीव्स ने निगला ब्लॉगलाईंस को

March 29, 2005 | Leave comment

image क्या याहू सिक्स आपार्ट को हथिया लेगा? क्या गूगल अब डोमेन भी बेचेगा? ये और ढेर सारी और खबरें। पढ़िए माह के दौरान घटित ब्लॉगजगत से संबंधित खबरें तड़के के साथ। लेख पढ़ें »
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मिर्जा ने झेला रैबिट फूड

July 1, 2005 | Leave comment

डाक्टर की सलाह पर मिर्जा की बेगम ने छुट्टन को हुक्म सुनाया कि अब साहब को सिर्फ सलाद खिलाया जायेगा। पर मिर्जा जी तो हैरीसन फोर्ड की नाई इस रैबिट फूड को न खाने की जिद कर चुके थे। पढ़िये अतुल अरोरा का लिखा प्रहसन। लेख पढ़ें »
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