निधि

140 अक्षरों की दुनिया: माइक्रोब्लॉगिंग

ब्लॉगिंग के बाद इंटरनेट पर एक और विधा ने जोर पकड़ा है। जी हाँ ट्विटर, पाउंस और प्लर्क के दीवाने अपने बलॉग छोड़ दीवाने हो चले हैं माईक्रोब्लॉगिंग के। पैट्रिक्स और देबाशीष कर रहे हैं इस लोकप्रिय तकनीक की संक्षिप्त पड़ताल जिसमें लोग फकत 140 अक्षरों में कभी अपने मोबाईल, कभी डेस्कटॉप तो कभी जालस्थल द्वारा अपना हालेदिल लिखे चले जाते हैं।

Jul 15th 2008, 7

लड़कर वही निर्मल ज़माना लाना होगा

February 9, 2007 | Leave comment

image पर्यावरणविद् व चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा पिछले दिनों जनशिक्षण मंच में पर्यावरण विषय पर व्याख्यान देने रतलाम आये। इस अवसर पर निरंतर के लिए पर्यावरण न अन्य विषयों पर रविशंकर श्रीवास्तव ने उनसे बातचीत की। संवाद में प्रस्तुत है उसी वार्तालाप के अंश। लेख पढ़ें »
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सुपरमैन और अंडरवियर

April 9, 2005 | 1 Comment

image अगर आपकी पूर्व प्रेमिका अपने बच्चों को आपसे उनके मामा तौर पर मिलवाये तो आप क्या करेंगे? अगर सुपरमैन इतना बुद्धिमान है तो फिर अंडरवियर अपनी पैंट के ऊपर क्यों पहनता है? कहते हैं कि पैदल चलने और जॉगिंग करने से वजन कम होता है। तो क्या उल्टे पैर चलने से वजन बढ़ सकता है? ऐसे ही टेड़े सवालों के मेड़े जवाब दे रहे हैं हाजिर जवाब फुरसतिया! लेख पढ़ें »
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विकिलीक्स बतायेगा पर्दे के पीछे का सच

February 9, 2007 | 2 Comments

image नये स्तंभ टेक दीर्घा में रवि रतलामी बता रहे हैं विकिपीडिया की तर्ज पर प्रारंभ, पर उससे काफी अलाहदा, एक नये और अनोखे प्रकल्प विकिलीक्स के बारे में। लेख पढ़ें »
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ट्रैफ़िक जाम और सपने

August 1, 2005 | Leave comment

image सारांश में इस बार एक महिला लेखिका के प्रथम उपन्यास के अंश प्रकाशित करते हुए हमें हर्ष है। सामयिक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित सुषमा जगमोहन के इस प्रयास "ज़िंदगी ई-मेल" का 28 जुलाई, 2005 को दिल्ली में विमोचन हुआ। सुषमा पेशे से पत्रकार हैं और उनकी रचनायें हंस, मधुमती व सखी जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। लेख पढ़ें »
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आखिर ब्लॉग किस चिड़िया का नाम है?

May 23, 2005 | 1 Comment

image जब सेंकड़ों मस्तिष्क साथ काम करें तो जेम्स सुरोविकी के शब्दों में, "भीड़ चतुर हो जाती है"। गोया, इंसान को इंसान से मिलाने का जो काम धर्म को करना था वो टैग कर रहे हैं। निरंतर के संपादकीय में पढ़िये देबाशीष चक्रवर्ती और अतुल अरोरा का नज़रिया। लेख पढ़ें »
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एड्स से कैसे बचा जाए

August 5, 2006 | 5 Comments

image एड्स के संक्रमण के तीन मुख्य स्रोत हैं - यौन संबंध, रक्त द्वारा तथा माँ से शिशु को संक्रमण। यानी एड्स से कोई भी सुरक्षित नहीं। पर क्या एड्स से बचा जा सकता है? जी बिल्कुल! बचाव के तरीके जानने के लिये पढ़ें रमण कौल का आलेख। लेख पढ़ें »
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आईये फॉयरफाक्स अपनाएं 3 – शक्तिसर्च

July 1, 2005 | 2 Comments

image फॉयरफॉक्स की विशेषताओं को अपने सरल अंदाज में बताता पंकज नरुला की फॉयरफॉक्स श्रृंख्ला का यह तीसरा व अंतिम लेख है। इस अंक में आप पढ़ेगें कि कैसे गूगल सरीखे ज्यादा जाने जाए वाले सजालो के लिए शक्तिसर्च कैसे बनाएं। लेख पढ़ें »
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अमृता इमरोज़: रूहानी रिश्तों की बयानी

July 12, 2008 | 3 Comments

image उमा त्रिलोक ने अपनी किताब में इमरोज़ और अमृता की रूहानी मोहब्बत के जज़्बे को तो खूबसूरती से अभिव्यक्त किया ही है, साथ ही अमृता प्रीतम के जीवन के आखिरी लम्हों को भी अपनी कलम से बख़ूबी बटोरा है। पढ़िये पुस्तक अमृता इमरोज़ की रविशंकर श्रीवास्तव व रंजना भाटिया द्वारा समीक्षायें। लेख पढ़ें »
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वर्डप्रेस की सर्च-इंजनों में हेरफेर?

May 23, 2005 | 1 Comment

image क्या वर्डप्रेस ने सर्च इंजनों में हेरा फेरी की? क्या अमरीकी चिट्ठों को शक की नज़र से देखते हैं? सिक्स अपार्ट और अडोब मिल कर कौन सी खिचड़ी पका रहे हैं? और गूगल ने जीमेल में कौन सी नई तकनीक जोड़ी है? इन सवालों का जवाब पाने के लिये पढ़ें हमारा स्तंभ हलचल जिसमें पेश कर रहे हैं माह की चुनिंदा खबरें। लेख पढ़ें »
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विशेषज्ञ बिन सब सून

April 9, 2005 | Leave comment

जीवन के हर क्षेत्र में विशेषज्ञों की घुसपैठ जारी है। व्यक्ति के जन्म लेने से पहले ही विशेषज्ञों का रोल चालू हो जाता है। कटाक्ष कर रहे हैं रविशंकर श्रीवास्तव। लेख पढ़ें »
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